स्वरुप पुरी / सुनील पाल
राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में एक बार फिर माँ से बिछुड़े गज शिशु को लाया गया है। रविवार की सुबह राजाजी की चीला रेंज से सटे हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज में नन्हा गज शिशु अकेला पाया गया था। खारा स्रोत के पास इस बच्चे के मिलने से वन महकमे में हड़कंप मच गया था। मौक़े पर पंहुचे डॉक्टरो व वन कर्मियों की टीम ने दिन भर उसकी निगरानी की मगर कोई भी मादा हथिनी या ग्रुप वहां नहीं पंहुचा। देर शाम डॉ अमित ध्यानी की निगरानी में इसको रेसक्यू कर चीला भेजा गया।
चीला में बढ़ा पालतू गजराजो का कुनबा, डॉक्टरो की टीम कर रही निगरानी
वहीं इस नन्हे गज शिशु को चीला लाये जाने के बाद अब यहां हाथियो की संख्या आठ हो गयी है। पूर्व में कई गज शिशु यहां लाये गए थे, जो आज बेहतर लालन पालन के बाद फल फूल रहे है। वहीं जो शिशु रविवार को लाया गया, वो महज ग्यारह दिन के आस पास का है। डॉक्टरो व वन कर्मियों की टीम लगातार इसकी निगरानी कर रही है। तो वहीं ठण्ड व संक्रमण से इसे बचाना बड़ी चुनौती है।
” हाथी का बच्चा लगभग 11 दिन का है, जो की बहुत कमजोर नजर आ रहा था, मौके पर ही उसका उपचार किया गया जिसके बाद वो चलने की स्थिति मे आया, शाम तक मादा हाथनि के आने का इन्तजार भी किया गया, ग्रुप के नहीं आने पर उसको चीला रेंज मे बने हाथी बाड़े मे ले जाया गया जहां उसकी देखभाल की जा रही है।”
अमित ध्यानी, पशुचिकित्सक हरिद्वार वन प्रभाग।
“सोमवार सुबह गस्त के दौरान खारा सेकंड बीट मे एक हाथी के बच्चे की सूचना मिली, सूचना मिलते ही हमारी और डॉक्टर की टीम मौके पर पहुंची, उच्च अधिकारियों के निर्देश के पर हाथी के बच्चे को रेस्क्यू कर राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में भेज दिया गया।”
विनय राठी, रेंज अधिकारी श्यामपुर।








