स्वरुप पुरी /सुनील पाल
अगले वर्ष होने वाले महाकुम्भ को लेकर हरिद्वार वन प्रभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। महाकुंभ के दौरान बैरागी कैंप में ही मेला भरता है ऐसे में अक्सर वनों से सटे इस क्षेत्र में मानव वन्य जीव संघर्ष की घटना को लेकर आशंका बनी रहती है। हरिद्वार की बात करें तो लक्सर पट्टी के अधिकतर गांवों में जंगली गजराजों का आतंक पिछले कई वर्षों से बना हुआ है। कुंभ के दौरान वन महकमे द्वारा इन क्षेत्रों में जंगली गजराजों की गतिविधियों को रोकने के लिए खाई खुदान व सोलर फेंसिंग का कार्य किया जाएगा। इसको लेकर प्रस्ताव पास हो चुका है,जल्द ही कनखल से लेकर बिशनपुर कुंडी तक साढे आठ किलोमीटर की खाई खोदी जाएगी। खाई के किनारे सोलर फेंसिंग भी लगाई जाएगी। साथ ही भविष्य में इस क्षेत्र में हाथी रोधी दीवार बने इसको लेकर 8 करोड़ 92 लाख का प्रस्ताव हरिद्वार वन प्रभाग द्वारा देहरादून शासन को भेजा गया है।
नई चौकियों के निर्माण व जंगली गजराजों की कॉलरिंग पर भी किया जा रहा है मंथन
वर्ष 2021 के महाकुंभ के दौरान हरिद्वार वन प्रभाग द्वारा इस क्षेत्र में कई जंगली गजराजों को रेडियो कॉलर लगाए गए थे,जिससे उनके हर मूवमेंट का पता चल जाता था। इस महाकुंभ के दौरान भी इस पर मंथन किया जा रहा है। जल्द ही वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया, डब्लू डब्लू एफ व हरिद्वार वन प्रभाग द्वारा इस पर गहन मंथन किया जाएगा, साथ ही क्षेत्र में मौजूद उत्पाती गजराजों को रेडियो कॉलरिंग करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही संपूर्ण क्षेत्र में कई नई चौकियां, वॉच टावर के निर्माण को लेकर भी मंथन किया जा रहा है। कुंभ के दौरान इस संपूर्ण क्षेत्र में गज मित्रों की तैनाती भी की जाएगी।
“कुंभ को लेकर हमने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं, कनखल से लेकर बिशनपुर कुंडी तक खाई खुदान व सोलर फेंसिंग की जाएगी,साथ ही क्षेत्र में मौजूद उत्पाती गजराजों को रेडियो कॉलर करने पर भी स्टडी की जाएगी।”
स्वप्निल अनिरुद्ध, प्रभागीय वनाधिकारी हरिद्वार।








