स्वरुप पुरी /सुनील पाल
हरिद्वार में एक बार फिर मानव वन्यजीव संघर्ष की घटना घटित हुई है। घटना हरिद्वार वन प्रभाग के बिशनपुर कुण्डी में घटी। इस छेत्र में 65 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति अपने खेत से लौट रहा था, उसी दौरान उनका सामना विशालकाय गजराज से हो गया। सामने हाथी को देखते ही दोनों हड़बड़ा गए, इस दौरान हाथी की टक्कर से बुजुर्ग का पैर टूट गया। घटना की सूचना मिलते ही, हरिद्वार वन क्षेत्रधिकारी शीशपाल सौंडियाल वनकर्मियों की टीम के साथ मौक़े पर पंहुचे। घायल बुजुर्ग को तत्काल रेसक्यू कर उपचार के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
वर्षो से है इस छेत्र में गजराजो का आतंक, हाथी रोधी दीवार के बाद ही होगा समस्या का निदान
हरिद्वार के मिसरपुर, जगजीतपुर, जियापोता, जमालपुर सहित कई गाँव है जंहा वर्षो से जंगली गजराजो का आतंक बना हुआ है। पिछले कई वर्षो से इस समस्या का निदान नहीं हो सका है। गंगा तटिय इस छेत्र में पहले आबादी का दबाव कम था, चारो तरफ खेत ही खेत थे, फसलों की चाह में जंगली हाथियो के झुण्ड अपने इस परम्परागत कॉरिडोर में आते थे। राज्य बनने के बाद इस छेत्र में तेजी से विकास हुआ, कल तक जंहा खेत थे वहां आज कंक्रीट की बस्तिया बस चुकी है। मगर घनी आबादी के बावजूद भी जंगली गजराजो ने अपना कॉरिडोर नहीं छोड़ा है। वहीं इस समस्या को लेकर वन महकमे ने आठ करोड़ बयानबे लाख की हाथी रोधी दीवार का प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद है जल्द ही इस गंभीर प्रकरण पर कोई फैसला हो।
“आज सुबह की यह घटना है, जिसमे बुजुर्ग व्यक्ति घायल हुए हैं, उन्हें तत्काल रेसक्यू कर उपचार हेतु हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया हैं, इस छेत्र में नौ किमी हाथी रोधी दीवार का प्रस्ताव भेजा गया हैं।”
स्वप्निल अनिरुद्ध, प्रभागीय वनाधिकारी, हरिद्वार वन प्रभाग








