स्वरुप पुरी /सुनील पाल
हरिद्वार के श्यामपुर रेंज मे दो बाघो के शिकार के बाद भले ही वन महकमे ने चार संभावित शिकारी दबोच लिए हो, मगर असल मुजरिम मीर हमजा अब भी पकड़ से बाहर है। सूत्रों की माने तो कल दबिश के दौरान वह बेहद ही करीब से भाग निकला। उसके पकड़ मे आने के बाद ही सभी चीजे साफ हो पाएंगी। पकड़े गए आरोपियों से अब तक वन महकमा कुछ नहीं उगला पाया है। वहीं दो साल के शावको की माँ कहां है , यह सवाल सबके जेहन मे बना हुआ है।
कुछ आरोपी तो पकड़े मगर कब होंगी लापरवाह वन कर्मियों पर कारवाही, मंत्री के दौरे के बाद भी सो रहा महकमा
दो शावको की मौत के बाद अब कई सवाल ऐसे है जो वन्यजीव प्रेमी जानना चाहते है। श्यामपुर मे घटी इस घटना ने राज्य ही नहीं देश भर मे सुर्खिया बटोरी। राष्ट्रीय पशु बाघ के संरक्षण व संवर्धन को लेकर नियम बड़े ही कठोर है। एनटीसीए के कठोर नियंत्रण के बाद आज बाघ देश भर मे बढ़ रहे है। मगर बीच बीच मे घटित होने वाली ऐसी घटनाए वन कर्मियों की लापरवाही भी दर्शाती है। वहीं इस प्रकरण मे मुख्य अभियुक्त मीर हमजा पहले भी शिकार प्रकरण मे जेल जा चुका है। जेल से आने के बाद वह उसी जंगल मे रह रहा था तो क्या श्यामपुर रेंज अफसर व उसकी टीम ने कभी उसकी निगरानी या पूछताछ की। इतना कुछ घट जाने व वन मंत्री के दौरे के बाद भी क्यों नहीं इन पर कारवाही की गयी। कहीं ऐसा तो नहीं राजनैतिक रसूख के चलते इन पर महकमा कारवाही से बच रहा हो। जितना अपराध शिकारियों ने किया, उससे बड़ा अपराध गस्त मे की गयी लापरवाही पर भी बनता है।








