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बाघ के शिकार के बाद नींद से जगा वन महकमा, एक शिकारी गिरफ्तार दूसरा फरार

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स्वरुप पुरी /सुनील पाल 

राज्य में एक बार फिर संरक्षित श्रेणी में शुमार राष्ट्रीय पशु बाघ के शिकार का प्रकरण सामने आया है। घटना हरिद्वार वन प्रभाग की है जहां सोमवार देर शाम हरिद्वार वन विभाग की टीम ने श्यामपुर रेंज के सजनपुर क्षेत्र से एक दो वर्षीय नर बाघ का शव बरामद किया। बाघ के चारो पैर कटे हुए थे और साथ ही मौक़े पर मृत भैंस का शव भी मिला है।अधिकारीयों द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार बाघ ने भैंस का शिकार किया था। जिसके बाद इसी छेत्र मे रहने वाले गुज्जर आलम व उसके साथी ने भैंस के शव पर जहर डाल दिया। जब बाघ दुबारा इसे खाने आया तो उसकी मौत हो गयी। इसके बाद आलम व उसके साथी ने बाघ के चारो पैर काट डाले। इस प्रकरण को लेकर वन महकमे द्वारा आलम नामक वन गुर्जर को गिरफ्तार किया गया है वही उसका साथी अमीर हम्ज़ा अभी फरार है।

निरंतर गस्त के दावो की खुली पोल, क्या होगी इस गंभीर प्रकरण पर कारवाही बना बड़ा सवाल

हरिद्वार वन विभाग की श्यामपुर रेंज की बात करें तो यह बेहद ही संवेदनशील रेंज है। बीते कुछ समय में इस रेंज में मौजूद गुर्जरों के डेरो में बेतहाशा वृद्धि हुई है। इन डरों में कौन आता है और कौन जाता है इसका रिकॉर्ड किसी के पास भी नहीं है यहां मौजूद वन क्षेत्र में दिनभर बाहर से आए लोगों की चहलकदमी भी बनी रहती है। वहीं अगर गस्त की बात करें तो वन कर्मी महज खानापूर्ति को लेकर गस्त करते है। अगर ऐसा न होता तो क्या बाघ का शिकार सम्भव था। राज्य वन महकमा हो या फिर एनटीसीए उसे इस प्रकरण पर कठोर कारवाही करनी चाहिए। इस घटना के सामने आने के बाद छेत्र मे सघन निगरानी की ज रही है, अगर यही सब पहले किया होता तो शायद बाघ का शिकार नहीं होता।

 

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