स्वरुप पुरी /सुनील पाल
विश्व पर्यावरण दिवस पर 5 जून शुक्रवार को पूरे प्रदेश भर में पेड़ों को लगाने की होड़ मची रही। वनों की सुरक्षा व जिम्मेदारी संभालने वाले विभाग ने भी जमकर पौधारोपण किया,मगर देर शाम होते-होते एक ऐसी भी खबर आई जिसने जंगलाती खाकी पर कई सवाल खड़े कर दिए। मामला देहरादून वन प्रभाग के ऋषिकेश क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो व खबरें जमकर वन महकमे के खिलाफ गर्दा उड़ा रही है। वीडियो के अनुसार ऋषिकेश क्षेत्र में जंगलात के कुछ सिपाहियों का लकड़ी कटान माफिया के साथ ली जा रही शराब की चुस्कीया चर्चा बन चुकी हैं। आखिर ऐसा कौन सा शुभ समय था जो ये आयोजन आयोजित किया गया। सुना है की हाल मे आये आंधी तूफ़ान के कारण शहर मे जगह जगह जो पेड़ गिरे थे, उन्हें निपटाया जा रहा था। अब जाहिर सी बात है, यह सब कार्य बिना जंगलाती खाकी के सहयोग से तो सम्भव नहीं हो सकता। उसी के लिए यह आयोजन था या नहीं, अब यह जांच का विषय है।
हरिद्वार बना कटान माफियाओ की मंडी,आरा मशीनों की हो जांच
ऋषिकेश के वायरल विडिओ के अनुसार जगह जगह से जो भी लकड़ी उठाई जा रही थी उसे हरिद्वार की आरा मशीनों मे भेजा जा रहा था। अगर ऐसा है तो हरिद्वार वन प्रभाग की भूमिका को भी परखा जाना चाहिए। देहरादून की सीमा से लेकर ज्वालापुर की आरा मशीनों तक लम्बा फासला है, क्या विभाग ने हरिद्वार देहरादून सीमा पर कोई चेक पोस्ट स्थापित की है जो अन्य जिलों से अवैध रूप से आ रही लकड़ियों की जांच कर सके। ऋषिकेश का यह प्रकरण बेहद ही गंभीर है अगर सीमा पर ही सख़्ती हो तो मजाल नहीं की कोई लकड़ी तस्कर अवैध माल लेकर हरिद्वार मे घुस जाए।
“ऋषिकेश का यह प्रकरण बेहद गंभीर है, एसडीओ को जांच के लिए निर्देशित किया गया है,जांच मे जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी।”
नीरज शर्मा, प्रभागीय डीएफओ , देहरादून।
“हरिद्वार वन प्रभाग लगातार अपनी कारवाही कर रहा है, हरिद्वार देहरादून सीमा पर जल्द ही निरीक्षण कर चौकी को लेकर प्रस्ताव भेजा जाएगा, वहीं ज्वालापुर व रुड़की मे स्थित टालों का निरीक्षण भी समय समय पर किया जाता है, जो भी व्यक्ति नियमो की आड़ मे गलत कार्य करेगा उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी।”
स्वप्निल अनिरुद्ध, डीएफओ हरिद्वार।






