स्वरुप पुरी /सुनील पाल
धार्मिक,अध्यत्मिक व सिद्ध पीठो की धरती के रूप मे विख्यात हरिद्वार नगर इन दिनों आस्था के सैलाब मे डूबा नजर आ रहा है। सोमवती अमावस्या के स्नान पर लाखो श्रद्धालुओं ने गंगा मे डुबकी लगा अपनी मनोकामना मांगी। नगर का कोइ कोना व घाट ऐसा नहीं था जहां पर श्रद्धालुओं का रेला ना हो। स्नान पर्व के समाप्त होते ही नगर मे सफाई अभियान जारी है नगर निगम की कई टीम टनो टन कूड़ा उठा रही है। तो वहीं वन छेत्रो के भीतर स्थित मंदिर मार्गो के भी बुरे हाल है। भारी भीड़ व श्रद्धांलुओं द्वारा फैलाया गया कूड़ा, कचरा वन्यजीव संरक्षण के लिए एक बड़ा संकट है।

मंसा देवी मंदिर मार्ग मे चलाया गया वृहद सफाई अभियान, वन कर्मियों ने इकठ्ठा किया कई टन कूड़ा
हरिद्वार पंहुचने वाले श्रद्धालु गंगा स्नान के साथ राजाजी टाइगर रिजर्व के भीतर स्थित माँ मनसा देवी के दरबार भी पंहुचते है। भारी भीड़ के बाद श्रद्धालुओं द्वारा छोड़े गए कचरे को साफ करना बड़ी चुनौती होता है। इसको लेकर मंगलवार को हरिद्वार रेंज की वन क्षेत्रधिकारी आभा रतूड़ी के नेतृत्व मे वृहद सफाई अभियान चलाया गया।

मंदिर समिति, उषा ब्रेको व वन कर्मियों की टीम ने दो टन से ज्यादा कचरा एकत्र किया। मौक़े पर तैनात वन दरोगा मनोज चौहान व अश्वनी पाण्डेय की टीम ने श्रद्धालुओं को वनो को साफ रखने के प्रति जागरूक भी किया। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।








